उद्देश्य
Purpose
आज के इस तनाव ग्रस्त जीवन में लोग इतना उलझते जा रहें हैं कि उनके पास खुद के लिए ही समय नहीं है । रोजमर्रा की भागदौड़ में अपने आप को ढूँढना मुश्किल सा हो गया है ।
सुबह घड़ी की पाँच बजे की टिक-टिक से लेकर रात के बारह बजे तक आम आदमी अपने काम में इतना व्यस्त है कि बाकी की दुनिया में क्या हो रहा है उसे कुछ नहीं पता । दुनिया तो दूर उसके घर के हालात क्या है यह भी वह ठीक से नहीं देख पाता ।
आज के युग में इस चूहा दौड़ ने इन्सान को वाकई एक मशीन बना दिया है जो सारा दिन सारी रात बस चलती ही रहती है ।
प्रश्न ये है कि क्या सारा दिन दौड़ते रहने से हालात सुधर पायेगें । जो मंजिल इन्सान को पानी है वो वास्तव में उसे मिल पायेगी ? जो आराम की जिन्दगी के अपने परिवार को देना चाहता है, क्या वो उन्हे दे पायेगा ?
हमने अपने आप को ऐसी जंजीरो में जकड़ रखा है, जिनका खुलना बहुत मुशिकल है । दफ्तर का तनाव, घर का तनाव, समाज का तनाव इन सबसे उबर पाना बड़ी ढेढ़ी खीर है ।
सबसे बडी समस्या ये है कि हम आँखों बन्द कर के बस चले जा रहे हैं बिना दिशा ज्ञान के ।
समाज में बहुत सारे लोग ऐसे है जिनकी शिकायत रहती है कि हमें इतना काम करने के बाद भी उसका समुचित फल नहीं मिलता । मगर शायद वो भूल जाते है कि काम अधिक करने से कुछ नहीं होता ।
जीवन में हमारा उद्देश्य क्या है ये जान लेना आवश्यक है ।
दूसरों से कम अपने आप से प्रभावित होना सीखें, अपने ऊपर विश्वास रखें, अपनी योग्यता का सद्उपयोग करें, तो निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होगी ।