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12 Patriotic

स्वदेश

Homeland

— Roli Shukla
Patriotic Poem 12
जगह-जगह है पुष्प सुशोभित निर्झर की बहती धारा है जहाँ कृषिक ने धरती के कण-कण को सवाँरा है वह भारत देश हमारा है देश प्रेम गाँधी सुभाष का जिस धरती पर न्यारा है जिस धरती पर बड़े हुए दशरथ रत्न श्रीराम तुलसी और वाल्मीकि ने काव्य को जहाँ सवारा है वह भारत देश हमारा है
— Roli Shukla
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