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न्याय
Justice
'नहीं हत्या मैंने नहीं की' का गूंजता हुआ हृदय विदारक स्वर
न्यायालय की ऊँची दीवारों को चीरता हुआ, आकाश की ओर जाता न्याय माँग रहा था
जो शायद उसे मिलने वाला नहीं था
आशा का कोई भी पुष्प अब खिलने वाला नहीं था
क्योंकि संसार की सबसे बड़ी वस्तु उसके पास नहीं थी
जी हाँ उसके पास धन की बहुत कमी थी
आज कल अन्याय करके धन तो मिल जाता हैं
किन्तु न्याय बिना धन के नहीं मिलता
बेचारा निर्धन तो नींव का पत्थर होता है
जिस पर धनिक अपनी इमारत खड़ी करते हैं
सत्य तो ये है कि उसने हत्या की ही नहीं
ये सिर्फ मैं जानती हूँ
आप की दृष्टि में वो सिर्फ एक अपराधी हैं
वास्तविक अपराधी की छवि सबकी नजरों में एकदम सीधी साधी है
झूठी गवाही खरीदे गये झूठे गवाहों और वकीलों के तर्क को सुन के लोग तालियाँ बजा रहे थे
न्यायमूर्ति के हाथ से न्यायतुला डगमगा रही थी
किन्तु धन सब बराबर कर देता है
निरअपराधी को अपराधी और अपराधी को निरअपराधी बना देता है
किन्तु उसकी अदालत में धनी-निर्धन सब बराबर होते हैं
और उसका न्याय भी वास्तव में न्याय होता हैं
किन्तु ये धरती कैसी हैं जहाँ पर अधिकतर अन्याय होता है
— Roli Shukla
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