Uevent
Home / Poems & Articles / कवि का इन्टरव्यू
32 Social

कवि का इन्टरव्यू

The Poet's Interview

— Roli Shukla
Social Poem 32
एक बार की बात थी न दिन था न रात थी हास्य कवि सम्मेलन नाम के एक कवि देने गये अपना इन्टरव्यू प्रेस वाले से बोले देख मेरे पास वक्त है बहुत जो कुछ पूछना है जल्दी पूछ नहीं तो मुझे कर एक्सक्यूज प्रेस वाला बोला अजी पहले तो जरा सुस्तायें कुछ चाय पकोड़े व खस्ते खाइये कवि बोले अजी आप मुझे मत रूलाइये इन्टरव्यू शुरू हुआ — आप की पत्नी क्या करती है ? जी वो तो एक फिल्म अभिनेत्री है तो फिर एक फिल्म अभिनेत्री का कवि से मेल कैसे हो गया अजी मत पूछिये विधाता का अजीब खेल सा हो गया अच्छा आपकी कितनी कवितायें छपी है जी फिलहाल तो मैंने एक ही लिखी है ये सुनकर प्रेस वालों को बहुत गुस्सा आया वह मन ही मन गुर्राया, फिर भी वह चुप रहा किन्तु उससे रहा न गया वह बोला कवि जी आप यहाँ से भाग जाइये कवि बोला आप मेरा मजाक मत उडाइये दोनो की बहुत कहा सुनी हुयी अन्त में कवि की हालत बुरी हुयी कवि दुखी मन से प्रेस के बाहर चले गये कविता छपवाने के सारे अरमान सड़क पर ही रह गये ।
— Roli Shukla
Anandam Mindset Solutions