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17 Patriotic

आजादी

Freedom

— Roli Shukla
Patriotic Poem 17
मेरे वतन के लोगों जरा पीछे मुड़ के देखो सूनी सड़क मिलेगी जरा पास जा के देखो हो सकता है तुम पाओ वहाँ रक्त की छीटें आगे बढ़ो मिलेगी धरती पे पड़ी राखी रूक जाओ अब ये सोचो कैसे मिली आजादी पाने के लिए जिसको लोगों ने जान दे दी कि मिल के हम रहेगें चाहे भी जो हो जाये
— Roli Shukla
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