03
Life Philosophy
गर्व
Pride
निष्क्रियता से घिरा हुआ मैं
कागज कलम के पास बैठा हुआ था
कि अचानक वायु का एक झोंका आया
जिसने मेरे अन्तरमन को हल्का सा हिलाया
अपने इस तर्क पे मुझे बड़ा गर्व हुआ
कलम ने काव्य का निर्माण किया
जिसने इस नीरस संसार को प्राण दिया
अरे कलम तो वो शस्त्र है, जो शस्त्र न होते हुए भी मनुष्य को योद्धा बनाती है
तो महान तो लेखनी हुयी
— Roli Shukla
Anandam Mindset Solutions